Wednesday, 20 December 2017

भाग्य के भरोसे

*"भाग्य  बारिश का पानी है*
                      *और..*
          *परिश्रम कुंए का जल*....

    *बारिश में नहाना आसान तो है*,
                    *लेकिन....*
    *रोज नहाने के लिए हम बारिश* 
         *के सहारे नहीं रह सकते...!!*

     *इसी प्रकार भाग्य से कभी-कभी*
      *चीजे आसानी से मिल जाती है,*
   *किन्तु हमेशा भाग्य के भरोसे नहीं जी* 
                  *सकते...!!*

        
                  🌿🌺💐🌺🌿
                          🙏  🙏
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सदा मुस्कुराते रहो


कभी कभी ठोकरें भी अच्छी होती हैं..!*  *क्योंकि*
*रास्ते की रुकावटों का पता चलता है..!*   *और*
*संभालने वाले हाथ किसके हैं..!*
*ये भी पता चलता है..!❞*

💐💐💐💐 🌹💞💝👏👏🙊🌹

*आँखे बंद करने से..*
      *मुसीबत नहीं टलती .!*
                  *और .*
       *मुसीबत आए बिना ..*
        *आँखे  नहीं खुलती...* 

     *छल* में बेशक *बल* है
                  लेकिन
  *प्रेम * में आज भी *हल* है..

       🌴  🌹💞💝👏👏
    

*हमारा व्यवहार कई बार हमारे ज्ञान से अधिक अच्छा साबित होता है।*

*क्योंकि जीवन में जब विषम परिस्थितियां आती हैं,*

*तब ज्ञान हार सकता है,*
*किन्तु व्यवहार से हमेशा जीत होने की संभावना रहती है।*       

*​💐😊सदा मुस्कुराते रहो 😊💐​*

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Monday, 18 December 2017

'💕💘दिमाग' में तो.. लोग खुद ही बसा लेते है..

*```एक बार संख्या 9 ने 8 को थप्पड़ मारा```*
*```8 रोने लगा```*... 
 *``` पूछा मुझे क्यों मारा```* ..?😎
,
 *``` 9 बोला```*... 
,
*```मैं बड़ा हु इसीलए मारा```*..
,
*```सुनते ही 8 ने 7 को मारा```*
*```और 9 वाली बात दोहरा दी```*
,
*```7 ने 6 को```*..
*```6 ने 5 को```*..
*```5 ने 4 को```*..
*```4 ने 3 को```*..
*```3 ने 2 को```*..
*```2 ने 1 को```*..
,
*```अब 1 किसको मारे 1 के निचे तो 0 था```* !😝
,
1 ने उसे मारा नहीं
बल्कि प्यार से उठाया
और उसे अपनी बगल में 
बैठा लिया
,
जैसे ही बैठाया...
उसकी ताक़त 10 हो गयी..!
और 9 की हालत खराब हो गई.
,
जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास...क्या फर्क पड़ता हैं,
,
"अनमोल रिश्तों"
का तो बस "एहसास" ही काफी हैं !
बहुत ही खूबसूरत लाईनें..
,
किसी की मजबूरियाँ पे न हँसिये,
कोई मजबूरियाँ ख़रीद कर नहीं लाता..!
,
डरिये वक़्त की मार से,
बुरा वक़्त किसी को बताकर नही आता..!
,
अकल कितनी भी तेज ह़ो,
नसीब के बिना नही जीत सकती..
,
बीरबल अकलमंद होने के बावजूद,
कभी बादशाह नही बन सका...!!"
,
"ना तुम अपने आप को गले लगा सकते हो,
ना ही तुम अपने कंधे पर सर
रखकर रो सकते हो !
,
एक दूसरे के लिये जीने का नाम ही जिंदगी है! इसलिये वक़्त उन्हें दो जो
तुम्हे चाहते हों दिल से!
,
रिश्ते पैसो के मोहताज़ नहीं होते क्योकि कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते पर
जीवन अमीर जरूर बना देते है "
,
आपके पास मारुति हो या बीएमडब्ल्यू -
सड़क वही रहेगी |
,
आप टाइटन पहने या रोलेक्स -
समय वही रहेगा |
,
आपके पास मोबाइल एप्पल का हो या सेमसंग - 
आपको कॉल करने वाले लोग नहीं बदलेंगे |
,
आप इकॉनामी क्लास में सफर करें
या बिज़नस में -
आपका समय तो उतना ही लगेगा |
,

,
एक सत्य ये भी है कि धनवानो का आधा धन तो ये जताने में चला जाता है की वे भी धनवान हैं |
,
कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है....
पर रोटी की साईज़ लगभग
सब घर में एक जैसी ही होती है।
,
: शानदार बात
,
बदला लेने में क्या मजा है 
मजा तो तब है जब तुम
सामने वाले को बदल डालो..||
,
इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
और परिंदे सोचते है रहने को घर मिले...!!
💕इसलिए कहा जाता है-💘

💕बसना हो तो...
'ह्रदय' में बसो किसी के..!👩

'💕💘दिमाग' में तो..
लोग खुद ही बसा लेते है..!!👩

              
 ❄❄❄❄❄❄❄
╔══════════════════╗
║    ❤💋प्रेम से कहिये जय श्री राधे  ║💋❤
╚══════════════════
💋💘💕ये sms अपने जीवन के अच्छे दोस्तों को भेजो, मुझे भी करना अगर मैं हूँ तो? ...👍💘👍👍👍👍........

Sunday, 17 December 2017

अपनी ताक़त पर गुरुर




जब भी अपनी शख्शियत पर अहंकार हो,
एक फेरा शमशान का जरुर लगा लेना।

और....

जब भी अपने परमात्मा से प्यार हो,
किसी भूखे को अपने हाथों से खिला देना।

जब भी अपनी ताक़त पर गुरुर हो,
एक फेरा वृद्धा आश्रम का लगा लेना।

और….

जब भी आपका सिर श्रद्धा से झुका हो,
अपने माँ बाप के पैर जरूर दबा देना।

जीभ जन्म से होती है और मृत्यु तक रहती है क्योकि वो कोमल होती है.

दाँत जन्म के बाद में आते है और मृत्यु से पहले चले जाते हैं...   
  क्योकि वो कठोर होते है। 

छोटा बनके रहोगे तो मिलेगी हर
बड़ी रहमत...
बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार
देती है..
किस्मत और पत्नी
भले ही परेशान करती है लेकिन
जब साथ देती हैं तो
ज़िन्दगी बदल देती हैं.।।


"प्रेम चाहिये तो समर्पण खर्च करना होगा।

विश्वास चाहिये तो निष्ठा खर्च करनी होगी।

साथ चाहिये तो समय खर्च करना होगा।

किसने कहा रिश्ते मुफ्त मिलते हैं ।
मुफ्त तो हवा भी नहीं मिलती ।

एक साँस भी तब आती है,
जब एक साँस छोड़ी जाती है!!"?.:  🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
नंगे पाँव चलते "इन्सान" को लगता है
कि "चप्पल होते तो कितना अच्छा होता"
बाद मेँ……….
"साइकिल होती तो कितना अच्छा होता"
उसके बाद में………
"मोपेड होता तो थकान नही लगती"
बाद में………
"मोटर साइकिल होती तो बातो-बातो मेँ
रास्ता कट जाता"

फिर ऐसा लगा की………
"कार होती तो धूप नही लगती"
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
फिर लगा कि,
"हवाई जहाज होता तो इस ट्रैफिक का झंझट
नही होता"
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
जब हवाई जहाज में बैठकर नीचे हरे-भरे घास के मैदान
देखता है तो सोचता है,
कि "नंगे पाव घास में चलता तो दिल
को कितनी "तसल्ली" मिलती"…..
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
" जरुरत के मुताबिक "जिंदगी" जिओ – "ख्वाहिश"….. के
मुताबिक नहीं………
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
क्योंकि 'जरुरत'
तो 'फकीरों' की भी 'पूरी' हो जाती है, और
'ख्वाहिशें'….. 'बादशाहों ' की भी "अधूरी" रह जाती है"…..
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
"जीत" किसके लिए, 'हार' किसके लिए
'ज़िंदगी भर' ये 'तकरार' किसके लिए…
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
जो भी 'आया' है वो 'जायेगा' एक दिन
फिर ये इतना "अहंकार" किसके लिए…
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀
ए बुरे वक़्त !
ज़रा "अदब" से पेश आ !!
"वक़्त" ही कितना लगता है
"वक़्त" बदलने में………
🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱
मिली थी 'जिन्दगी' , किसी के
'काम' आने के लिए…..
पर 'वक्त' बीत रहा है , "कागज" के "टुकड़े" "कमाने" के लिए………
🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀🌱🍀      

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Thursday, 14 December 2017

मिट्टी की मूर्तियां

*Nice lines.......For Understanding .. *

*🌪🌪एक मिट्टी की मूर्तियां बनाने वाला  (कुम्हार) ईश्वर से कहता है....._*     
        *⚘_"हे प्रभु तू भी एक कलाकार है और मैं भी एक कलाकार हूँ,_*   
 *⚘_तूने मुझ जैसे असंख्य पुतले बनाकर इस धरती पर भेजे हैं,_*
 *⚘_और मैंने तेरे असंख्य पुतले बना कर इस घरती पर बेचे हैं।_*
*⚘_पर ईश्वर उस समय बड़ी शर्म आती है, जब तेरे बनाये हुए पुतले आपस में लड़ते हैं_,*
*⚘_और मेरे बनाये हुए  पुतलों के सामने लोग शीश झुकाते हैं"_..*     🙏🙏
*ध्यान से पढ़े कितना बड़ा सच है.*
*🌺🌺🌺**whatsApp - 09334534189 **🌺🌺🌺

Tuesday, 12 December 2017

कौन देगा शरण ?


कौन देगा शरण ???
# जब किसी को अपनाया ही नहीं
# इस बात से नही डरना चाहिए कि हम मर जाएंगे,
# परंतु इस पर विचार अवश्य करना कि हम मर कर किधर जाएंगे ??
क्योंकि इस जगत हमने घर बना लिया ,
सगे-सम्बन्धी एव मित्र ढूंढ लिए, जो मन मे आया सो कर लिया,और अपने आप मे संतुस्ट हो लिए।
# पर क्या यह काफी हो गया?
# क्या इसके बाद सम्पूर्ण जिम्मेदारी भी पूरी हो गयी ??
# घर बनाया परन्तु कितने समय के लिए यह घर बनाया है ??
# क्या सदा यहीं पर रहना है ??
जब यह सोचोगे तब लगेगा की कहीं तो कोई कमी बाकी रह गायी है, यह सब तो इस भौतिक जगत के लिए है। जो एक निश्चित समय के लिए है, उसको तो पूरी मेहनत और लगन के साथ किया
# परंतु क्या आत्म-जगत के लिए भी कभी कुछ किया ??
# यदि नहीं तो कब करोगे ??
आज कल के बारे मे यदि सोचोगे तो आज बीत जाता है और कल कभी आता नहीं है
# माना कि धर्म के अनुसार सांसारिक रिश्तों को भी ईश्वर ने ही बतौर जिम्मेदारी हमे निभाने को दिये हैं यह तो ठीक है कि जिस प्रकार हमारे पालन-पोषण की जिम्मेदारी हमारे माँ-बाप ने निभाई ठीक उसी प्रकार हमे भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है
# परंतु इसी चक्कर मे अपने आत्मिक विकास के बारे मे मत भूल जाना, नहीं तो
# इस दुनिया को छोड़ने के बाद आपका अपना कौन होगा ??
# क्योंकि शरीर छूटने के बाद यह सब यहीं पर रह जाएगा। साथ कुछ जाएगा नहीं।
# तब क्या होगा ??
# कहाँ जाएंगे ??
# कौन अपनाएगा ??
अर्थात :-- शरण कहाँ मिलेगी, जब हमारे पास शरीर रूपी साधन था परमात्मा को अपनाने के लिए तब तो उसे अपनाया नहीं
और जब हमारे पास अब कोई साधन ही नहीं बचा तो हम अपनाएँगे कैसे और पहले अपनाया नहीं तो कहीं ऐसा नहीं हो कि शरीर छूटने के बाद आत्मा को भटकना पड़े। यदि ऐसा हुआ तो हम पाप का भोग भोगंगे और जो जन्म हमे लाखो पुन्य कर के प्राप्त हुआ वह बेअर्थ हो जाएगा । वैसे भी जो किया वह सब शारीरिक भोग के लिए, इस भौतिक जगत के लिए, आत्मिक जगत के लिए कुछ नहीं
# फिर सोचो आपके साथ क्या जाएगा ??
# धन भूमि मे गड़ा रह जाता है,
# पशु गौशाला मे बंधे रह जाते हैं,
# स्त्री घर के द्वार तक साथ देती है,
# संबंधी मित्रगण शमशान तक साथ देते हैं,
# शरीर चिता तक साथ देता है
# अर्थात :-- जो इस संसार मे पाया यहीं पर छूट गया तो फिर साथ क्या गया ??
जो मृत्यु उपरांत प्राप्त हो सके, झूठ, छल, कपट, करके प्राप्त धन, बैभवता, शान, शौकत, सब यहीं छूट जाती हैं, अगर साथ रह जाती तो केवल अपनी करनी जो हम कर जाते हैं,उसी करनी का फल लेकर हम इस संसार से गमन करते हैं।
# हम अकेले होते हैं,आपने कर्मों का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) लेकर और उसी के अनुसार हमे गति प्रदान की जाती है।
उस समय हम और हमारे सामने ईश्वर हमारे कर्मो का लेखा-जोखा देखकर हमारी गति निर्धारित करते हैं।
# अवश्य मन्थन करना कि
# क्या इसी लिए हम आए थे इस संसार मे?
# ईश्वर ने तो हमे शरीर इस लिए प्रदान किया कि हम आपने कर्मो के माध्यम से जन्मो-जन्मो के फेर से मुक्ति पा लें
परंतु हम तो यहाँ की चकाचौध मे विलुप्त हो गए जहां हमे स्वार्थ,पाप के सिवा कुछ दिखाई ही नहीं दिया,
# धर्म को भूले,
# कर्म को भूले,
# और तो और जिस ईश्वर ने हमे पैदा किया उसे ही भूल गए, जब ऐसा किया तो भरेगा कौन ??

Sunday, 10 December 2017

शास्त्रों में है कि जो ....

   
  ║घर मे गरीबी आने के कारण║     

1= रसोई घर के पास में पेशाब करना ।

2= टूटी हुई कन्घी से कंगा करना ।

3= टूटा हुआ सामान उपयोग करना।

4= घर में कूडा - कचरा रखना।

5= रिश्तेदारो से बदसुलूकी करना।

6= बांए पैर से पैंट पहनना।

7= संध्या वेला मे सोना।

8= मेहमान आने पर नाराज होना।

9= आमदनी से ज्यादा खर्च करना।

10= दाँत से रोटी काट कर खाना।

11= चालीस दीन से ज्यादा बाल रखना ।
12= दांत से नाखून काटना।

14= औरतो का खडे खडे बाल बांधना।

15 = फटे हुए कपड़े पहनना ।

16= सुबह सूरज निकलने तक सोते रहना।

17= पेड के नीचे पेशाब करना।


18= उल्टा सोना।

19= श्मशान भूमि में हसना ।

20= पीने का पानी रात में खुला रखना ।

21= रात में मांगने वाले को कुछ ना देना ।

22= बुरे ख्याल लाना।

23= पवित्रता के बगैर धर्मग्रंथ पढना।

24= शौच करते वक्त बाते करना।

25= हाथ धोए बगैर भोजन करना ।

26= अपनी सन्तान को कोसना।

27= दरवाजे पर बैठना।

28= लहसुन प्याज के छिलके जलाना।

29= साधू फकीर को अपमानित करना या फिर और कोई चीज खरीदना।

30= फूक मार के दीपक बुझाना।

31= ईश्वर को धन्यवाद किए बगैर भोजन करना।

32= झूठी कसम खाना।

33= जूते चप्पल उल्टा देख कर उसको सीधा नही करना।

34= हालात जनाबत मे हजामत करना।

35= मकड़ी का जाला घर में रखना।

36= रात को झाडू लगाना।

37= अन्धेरे में भोजन करना ।

38= घड़े में मुंह लगाकर पानी पीना।

39= धर्मग्रंथ न पढ़ना।

40= नदी, तालाब में शौच साफ करना और उसमें पेशाब करना ।

41= गाय , बैल को लात मारना ।

42= माँ-बाप का अपमान करना ।

43= किसी की गरीबी और लाचारी का मजाक उडाना ।

44= दाँत गंदे रखना और रोज स्नान न करना ।

45= बिना स्नान किये और संध्या के समय भोजन करना ।

46= पडोसियों का अपमान करना, गाली देना ।

47= मध्यरात्रि में भोजन करना ।

48= गंदे बिस्तर में सोना ।

49= वासना और क्रोध से भरे रहना एवम्...

50= दूसरे को अपने से हीन समझना आदि ।
🌸 -----      -----     -----     -----    ----     🌸

🌹 शास्त्रों में है कि जो दूसरो का भला करता है।
                    ईश्वर उसका भला करता है। 🌹

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